पहचान चुराकर दरबार में
दत्तक बहन सेसिली उसके घर को जला देती है और माँ की हत्या कर देती है। इसोल्डे बदला लेने की कसम खाती है। उसे पता चलता है कि सेसिली खोई हुई राजकुमारी है, तो वह उसकी पहचान और लॉकेट चुरा लेती है। राजकुमारी बनकर वह दरबार में घुसती है और हर मोड़ पर सेसिली को मात देती है। निर्दयता और चतुराई से वह न्याय वापस लेती है और खलनायिका को सज़ा देती है।