सत्ताधारी मातृप्रधान विक्टोरिया को बेटे की प्रेमिका बहू समझ लेती है। विक्टोरिया विश्वासघात उजागर कर एमिली को वारिस घोषित करती है। झूठे आरोप और अपहरण के जाल में दोनों साथ खड़ी होकर इंसाफ और प्यार पाती हैं।