भिखारी समझी, निकली महासेनापति
झुग्गियों में जन्मी फ्रेया ने पुरुष का भेष धरकर दस साल जंग लड़ी और वेलेंडिया की अजेय ग्रैंड मार्शल बनी। भेष बदलकर घर लौटी तो स्टैनफोर्ड के अमीरों ने उसके परिवार को कुचला और ठग लिया। उसे भिखारी समझकर मौत की सज़ा दे दी गई, पर फ्रेया ने पलटवार किया—और जिस ‘भिखारी’ को उसने कैद किया था, उसी के सामने दहशतज़दा गवर्नर घुटनों पर आ गया।