जिसके पाँव फिट, वही दुल्हन
सिर्फ सिंड्रेला के परफेक्ट पैर ही प्रिंस अलेक्जेंडर को दीवाना कर सकते थे। उसे ढूंढने को उसने भव्य नृत्य-समारोह रचाया; वहां उसके बेदाग पैरों ने पल भर में उसकी चाह जगा दी। मगर आधी रात को वह भाग गई, एक कांच की जूती छोड़कर। टूटे दिल से प्रिंस अलेक्जेंडर ने उसी जूती से पूरे शहर में उसे खोजा।