पाँच साल की बन्नी लड़की लूना, माँ के चाँदनी ताबीज़ से भूख से जूझती पशुजन घाटी से इंसानी दुनिया में आती-जाती है। हर बार उसके पास सिर्फ एक घंटा है—उसी में वह ज़रूरी सामान के लिए सौदेबाज़ी कर पूरे कबीले की जान बचाना चाहती है।