मूक बेटी का मज़ाक
गुमनाम रहस्य-लेखिका को पता चलता है कि जुए के कर्ज़ में डूबा उसका उद्योगपति पति करोड़ों के बीमे के लिए उसे और उनकी बधिर-मूक बेटी को मारना चाहता है। वह उसे उसकी प्रेमिका की हत्या के लिए उकसाती है, फिर उसे मारकर चेहरा बिगाड़ देती है ताकि वह गैंगस्टर लगे। मनोवैज्ञानिक चालों से वह घमंडी ससुरालवालों से बेटे की लाश हवेली के मगरमच्छों को खिलवाकर, उन्हें ही फँसा देती है।