निर्मम समर्पण
पाँच साल की उम्र में खोई सिया को माफिया डॉन ने पाला। घर लौटने पर परिवार को सिर्फ गोद ली हुई मिया प्यारी है; मिया उसे नशा देकर उसका मंगेतर छीन लेती है। सिया की रात झूठे जुर्म में निर्वासित भाई कार्टर के साथ बीतती है। सगाई में घुसकर वह पिता से शादी के बदले कंपनी लेती है और कार्टर से विवाह करती है। कार्टर को फँसाया गया था—अब सिया उसे उसका हक वापस दिलाएगी।