गरीब माँ की चमत्कारी बच्ची
मध्ययुगीन अकाल में छह पंखों वाली देवदूत एंजेला शिशु बनकर धरती पर आती है। एक निर्दयी आदमी उसे बर्फ में छोड़ देता है, पर गरीब किसान मार्था उसे बचा लेती है। चमत्कारों से एंजेला मार्था के लकवाग्रस्त बेटे को ठीक करती, दूसरे बेटे की बुद्धि लौटाती और अकाल मिटाती है। बुरों को दंड, भलों को आशीष—फिर बिछड़ा तीसरा बेटा घर लौटता है। एंजेला ही परिवार का सौभाग्य है।